आगरा विश्वविद्यालय में आठ जिलों के शिक्षकों ने दिया धरना,सामूहिक अवकाश लेकर आए थे शिक्षक, विवि में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज की बुलंद

आगरा। आगरा के डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अनियमितता और अराजकता को लेकर डा. बीआर आंबेडकर विवि शिक्षक संघ (औटा) ने मंगलवार को आगरा विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया। धरने में विवि से संबद्ध आठ जिलों के कॉलेज के शिक्षकों ने भाग लिया।
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सामूहिक अवकाश लेकर आए शिक्षक
विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ धरने में औटा से जुडे़ शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर सुबह 11 बजे पहुंच गए। औटा पदाधिकारियों ने पुरानी पेंशन की बहाली , प्रोफ़ेसर पदनाम और ग्रेड , उच्च शिक्षा के निजीकरण व्यवसायीकरण पर रोक, मेडिकल व अन्य अवकाशों को पूर्ववत अनुमन्य किया जाना, मानदेय व अनुमोदित स्ववित्तपोषित शिक्षकों का विनियमतीकरण , सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष किया जाने की मांग उठाई। इसके अलावा शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों की प्रोन्नति कराए जाने, छात्रों के सही परिणाम दुबारा जारी किए जाने, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को स्थगित करते हुए इसके प्रावधानों में स्पष्टता लाने आदि अनेक समस्याओं को लेकर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने कहाकि राजनीतिक वर्ग के सांसद-विधायक अपनी पेंशन वेतन सहित अन्य सुविधा लगातार बढ़ाते जा रहे हैं, वही शिक्षा कार्य में रत शिक्षकों को पेंशन रहित कर उनके वृद्धावस्था की लाठी को भी छीन लेना चाहते हैं।
शाम चार बजे तक चला धरना
विश्वविद्यालय परिसर में शाम चार बजे तक धरना चला। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अध्यक्षता औटा अध्यक्ष डा. ओमवीर सिंह, संचालन महामंत्री डॉ. भूपेन्द्र चिकारा ने किया । धरने में फुपुक्टा अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, महामंत्री वाई एन त्रिपाठी, डॉ. अरुणोदय बाजपेई, डॉ. शशिकान्त पांडेय, डॉ. गौरव कौशिक, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. संजय यादव, डॉ अलका सिंह आदि उपस्थित रहे।



