राजधानी लखनऊ के पास गांवों में चिकनकारी का कम मिलता है मेहनताना…कम उम्र में हो जाती है लड़कियों की शादी…इंजीनियरों एवं भावी प्रबंधकों से महिलाओं ने बताई हकीकत
वेग (वीमेन एम्पावरमेंट एक्शन ग्रुप) इंजीनीयरिंग विभाग IEEE ने BBDITM के साथ मिलकर पपनामऊ तथा जिन्हौली गांव को लिया गोद

लखनऊ : वेग (वीमेन एम्पावरमेंट एक्शन ग्रुप) इंजीनीयरिंग विभाग आई.ई.ई.ई ने बी.बी.आई.टी.एम के साथ मिलकर प्रथम गांव पपनामऊ एवं जिन्हौली गांव को गोद लिया। पपना मऊ राजधानी लखनऊ से 5 किलोमीटर दूर तथा जिन्हौली गांव 30 किमी दूर स्थित है इस संस्था का लक्ष्य शिक्षा देना तथा गांव की सभी महिलाओं को शिक्षा के साथ-साथ रोज़गार भी दिलाना है। यह विभाग इंस्टीट्यूट स्तर पर कार्य कर रहा है। इस ग्रुप में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों ही शामिल हैं। परिसर के साथ-साथ समाज के भीतर लिंग भेद दूर करना तथा समाज की मानसिकता को बदलना उद्देश्य है। इंजीनियरों की यह टीम जब इन गांवों में पहुंची तो योजनाओं और सामाजिक जागरूकता की हकीकत से पर्दा उठता चला गया। नीचे खबरों में पढ़िए आखिर टीम कैसे अचंभित रह गई। टीम अब इनके कल्याण के लिए क्या कदम उठाने जा रही है।
ऐसे काम करता है यह एक्शन ग्रुप
यह ग्रुप उद्यमिता, विविध शैक्षणिक, तकनीकी, चिकित्सा, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम महिलाओं के उत्थान हेतु कॉलेज के संकायों और छात्रों के माध्यम से समाज में लैंगिक समानता के वास्तविक महत्व को समझाने के लिए कार्य कर रहा है। यह ग्रुप महिलाओं को ट्रेनिंग और डेवलपमेंट की लिए काम करता है। इसमें महिलाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे- खाने से पहले हाथ धोना, साफ़ कपडे पहना साथ ही साथ महिलाओं से जुडी और भी महत्वपूर्ण बातों से जागरूक किया जाता है। यह ग्रुप आत्मानिर्भर भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें साझेदारी के बारे में अवगत कराता है।
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जानिए कौन है सेल का अध्यक्ष और सदस्य
इस सेल की मुख्य संरक्षिका डॉ. अलका दास गुप्ता तथा प्रेजिडेंट विराज सागर दास के संरक्षण में स्थापना की गयी। इस सेल के अध्यक्ष डॉ. एस.एस.चौहान (डायरेक्टर ऑफ़ बी.बी.आई.टी.एम ) हैं। इस सेल के आतंरिक सदस्य हैं – प्रोफेसर (डॉ.) मनीष सिंह (विभागाध्यक्ष प्रबंधन विभाग), प्रोफेसर रफीक अहमद (विभागाध्यक्ष इंजीनियरिंग विभाग, आई.ई.ई.ई सीनियर मेंबर एंड ब्रांच काउंसलर एवं संयोजक), डॉ. शिवांगी तिवारी (कन्वेनर एंड कोऑर्डिनेटर), प्रोफेसर कनिका लाम्बा (डब्लू.आई.ई एडवाइजर एंड सेक्रेटरी, डब्लू.आई.ईआई.ई.ई.ई यू.पी सेक्शन, कोऑर्डिनेटर) हैं। इस सेल के छात्र सदस्य हैं- पलक गुप्ता, निमिष गुप्ता, अर्चिता राइ, विधि गुप्ता, आशना, श्रेय खन्ना, सूर्यांश गुप्ता, अवि अग्रवाल, कृति अग्रवाल, सईद मोहम्मद काज़िम अब्दी, अंशिका सिंह, आकृति कुशवाहा, हितांश द्विवेदी, अविरल दास श्रीवास्तव, नवाज़ अहमद, श्रेया, कायनात फातिमा, जैनेन्द्र तथा शाम्भवी।
गांव की औरतों ने बताई ये हकीकत –
वेग ने मीडिया को बताया कि “जब हम लोग पहले गांव पहुंचे तो वहां की औरतों से बात की। उन्होंने बताया कि वहां चिकेनकारी का काम बहुत अच्छा होता है साथ ही उन्होंने हमें अपने बनाये हुए कुछ कपडे नमूने के रूप में दिखाए। उन्होंने कुछ समस्या भी बताई जैसे कि उन्हें उनके काम का मेहनताना दुकानदार अपना मुनाफा काटकर देते हैं और उन्हें पूरे पैसे नहीं मिल पाते। साथ ही उन्होंने बताया कि अभी तक वहां पर लोगों को-वैक्सीन का दूसरा डोज़ भी नहीं लग पाया है। वे चाहते हैं कि हमारा ग्रुप उनके लिए एक कैंप लगवाए। तथा वेग के द्वारा औरतों को मदद मिल सके। वहां पर होने वाले अनाज जैसे- गेहू, चावल, सरसों, आलू आदि फसलों की खेती कम हो पा रही है। वहां के घमंतू जानवर उसे चर जाते हैं।
वेग जब दूसरे गांव जिन्हौली पहुंचे तो वहां की औरतों ने बताया कि यहाँ पर हथकरघा का काम बहुत अच्छा होता है। साथ ही साथ वहां के शिक्षकों से पता चला कि अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजते हैं। और जो बच्चे जा रहे उनका भी शिक्षा की तरफ कोई झुकाव नहीं है। साथ ही हमे वहां की औरतों से पता चला कि विद्यालय में मिड डे मिल का खाना बच्चों तक सही से नहीं पहुंच पा रहा है। उन्हें उचित शिक्षा के साथ-साथ खाना भी सही रूप से नहीं मिल पा रहा। वहां की आशा दीदी से पता चला की अभिभावक कम उम्र में बच्चों की शादी करवा देते हैं। तथा उन्हें शिक्षा से वंचित रख रहे हैं। साथ ही हमने दोनों गावों में खाने के सामान के साथ कुछ कपडे भी बांटे। प्रथम गांव के प्रधान राजेश कुमार तथा दूसरे गांव के प्रधान मुन्ना के सहयोग से हमने गांव की औरतों से मुलाकात की”।




