तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस व विश्व संगीत दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ

गुरुग्राम : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के एप्लाइड साइंस एवं मानविकी कौशल संकाय द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य पर ई माध्यम से तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें विश्वविद्यालय की एनएसएस यूनिट की भागीदारी रही।
प्रथम दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। प्रथम दिन के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डॉ आर. एस. राठौर रहे। प्रो. ऋषिपाल डीन एप्लाइड साइंस ने सभी प्रतिभागियों, विद्वानों, अधिकारियों, गेस्ट स्पीकर व मुख्य अतिथि का हार्दिक अभिनंदन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि ने योग दिवस व संगीत दिवस की बधाई व शुभकामनाएं दी और आधुनिक समय में योगाभ्यास को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान योग की विभिन्न क्रियाओं को विज्ञान आधुनिक चिकित्सा ने जरूरी माना है।
कार्यक्रम के गेस्ट स्पीकर प्रो. जी. डी. शर्मा, पूर्व अध्यक्ष योग विभाग हिमाचल यूनिवर्सिटी, शिमला व पूर्व चेयरमैन योग विभाग, डीन अकादमी शिक्षण, रजिस्ट्रार पतंजलि यूनिवर्सिटी हरिद्वार ने वर्तमान परिदृश्य में योग की उपयोगिता पर वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि योग एक विज्ञान है परन्तु आधुनिक विज्ञान का प्रयोग सही कार्य के लिए न करके अनुचित प्रयोग किया जा रहा है। योग से प्राप्त पूर्ण ज्ञान से बुद्धि निर्मल हो जाती है। सकारात्मक विचारों से ही विज्ञान से उचित सृजन किया जा सकता है।
योग के आठ अंग मनुष्य के विकास में प्रत्येक पक्ष को मजबूत बनाता है। प्राणायाम वर्तमान महामारी में बहुत उपयोगी है। इसमें सूर्यभेदी, भस्त्रिका, नाड़ीशोधन आदि कुम्भक जरूरी है। योगाभ्यास से बुढ़ापा जल्दी नहीं आता।
संगीत विभाग से अमरजीत ने सुंदर भजन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ नकुल से सभी प्रतिभागियों, कर्मचारियों, अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ मोहित, डॉ राजेश्वरी, डॉ अमौलिका, डॉ ललिता, अमरजीत, डॉ राजकुमार, डॉ निखिलेश, डॉ जयपाल व अन्य का सहयोग रहा।



