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भारतीय युवा क्यों सीख रहे हैं जापानी भाषा? जानिए वजह

Japanese Language Training India: कौशल विकास मंत्रालय की पहल के तहत मणिपुर से लेकर यूपी तक के युवा जापानी भाषा सीख रहे हैं। इन कैंडिडेट्स को जापानी भाषा और वहां के कल्चल के बारे में ट्रेनिंग दी जा रही है। भारत के युवा करीब 8 से 9 महीने की ट्रेनिंग पूरी कर जापान की इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं।

NSDC Japanese Language Training: जापान की वर्कफोर्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत-जापान साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय युवाओं को भी जापानी भाषा सीखकर वहां की इंडस्ट्री में काम के अवसर मिल रहे हैं। इस पहल को कौशल विकास मंत्रालय के संगठन नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) ने शुरू किया था और अब तक अब तक 400 से अधिक कैंडिडेट्स ट्रेनिंग कर चुके हैं। ट्रेनिंग के लिए मणिपुर, मिजोरम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड जैसे अलग- अलग राज्यों से उम्मीदवार आ रहे हैं।

अब तक 400 से ज्यादा कैंडिडेट्स को दी गई ट्रेनिंग

नोएडा के NSDC इंटरनेशनल सेंटर में ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी तक जापानी भाषा के प्रोग्राम में 400 से ज्यादा कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग दी गई है, जिनमें से 185 जापान में काम कर रहे हैं। हाल ही में 40 उम्मीदवारों के एक और ग्रुप की ट्रेनिंग पूरी हुई है और ये सभी जापान के शहरों टोक्यो, इबाराकी, होक्काइडो में हॉस्पिटैलिटी, एग्रीकल्चर समेत अलग-अलग सेक्टरों में काम करेंगे। मंत्रालय के मुताबिक, अभी 100 और कैंडिडेट्स की ट्रेनिंग चल रही है।

इसलिए जापानी भाषा सीख रहे युवा

मंत्रालय का कहना है कि NSDC की ओर से कैंडिडेट्स का ट्रेनिंग प्रोसेस देखा जाता है। जापान से भी ट्रेनर आते हैं। जापान में अधिक उम्र के लोगों की संख्या काफी ज्यादा हैं और वहां पर वर्कफोर्स की कमी है। इसे देखते हुए भारतीय युवाओं के पास वहां पर हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर एंड कंस्ट्रक्शन, सर्विस सेक्टर में काफी अच्छे मौके हैं।

जापान जाएंगे 50 हजार स्किल्ड प्रोफेशनल

मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार अर्चना मायाराम का कहना है कि पिछले साल अगस्त में भारत और जापान के नेताओं ने खास रणनीति और वैश्विक साझेदारी को लेकर एक संयुक्त विजन बनाया था। अगले 5 साल में 5 लाख लोगों के ह्यूमन रिसोर्स एक्सचेंज का एक एक्शन प्लान भी बनाया गया, जिसमें भारत से जापान में 50 हजार स्किल्ड प्रोफेशनल जाएंगे। सर्विस सेक्टर में भारत का योगदान ग्लोबल इकॉनमी में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है और जो युवा जापान जा रहे हैं, वे ग्लोबल इकॉनमी में भारत की बढ़ती मौजूदगी के प्रतिनिधि हैं।

दूसरी विदेशी भाषाओं में ट्रेंड किए जा रहे कैंडिडेट्स

NSDC के सीईओ अरुण कुमार पिल्लई ने कहा कि हम अपने युवाओं को इंटरनेशनल करियर बनाने में मदद कर रहे हैं। एनएसडीसी इंटरनेशनल लैंग्वेज ट्रेनिंग कैपिसिटी का विस्तार किया जा रहा है। स्किल इंडिया डिजिटल हब प्लेटफॉर्म के जरिए कैंडिडेट्स आवेदन से लेकर ट्रेनिंग की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। दूसरे देशों से भी साझेदारी हो रही है और वहां की जरूरतों के हिसाब से दूसरी विदेशी भाषाओं में भी कैंडिडेट्स को ट्रेंड किया जा रहा है।

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